kaivalya foundation organised meet on human right in india

kaiv_admin 14 May, 2019 0

कैवल्य फाउंडेेशन ने अपने शाखा कार्यालय परिसर, राष्ट्रीय गंज,फुलवारी शरीफ में ” भारत में मानवाधिकार” विषय पर एक एक वृहद परिचर्चा का आयोजन किया| परिचर्चा में विषय प्रवेश करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी , साहित्यकार उदय कुमार ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के हर मानव को कुछ अनिवार्य रूप से अधिकार प्राप्त है|

भारतीय परिप्रेक्ष्य में मानवाधिकारों की सुरक्षा हमारे संविधान में निहित है | मानवाधिकारों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए| मानवाधिकारो की रक्षा पर सक्रिय संगठन लोक स्वांतत्र्य संगठन (पी.यू.सी.एल.) के महासचिव श्री सरफ़राज ने मुख्य वक्ता के रूप में मानवाधिकार के बारे में विस्तार से बताया| महात्मा बु्द्ध और सुजाता की खीर कैवल्य फाउंडेेशन ने अपने शाखा कार्यालय परिसर, राष्ट्रीय गंज,फुलवारी शरीफ में ” भारत में मानवाधिकार” विषय पर एक एक वृहद परिचर्चा का आयोजन किया|

परिचर्चा में विषय प्रवेश करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी , साहित्यकार उदय कुमार ने कहा कि बिना किसी भेदभाव के हर मानव को कुछ अनिवार्य रूप से अधिकार प्राप्त है| भारतीय परिप्रेक्ष्य में मानवाधिकारों की सुरक्षा हमारे संविधान में निहित है | मानवाधिकारों की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए| मानवाधिकारो की रक्षा पर सक्रिय संगठन लोक स्वांतत्र्य संगठन (पी.यू.सी.एल.) के महासचिव श्री सरफ़राज ने मुख्य वक्ता के रूप में मानवाधिकार के बारे में विस्तार से बताया|

महात्मा बु्द्ध और सुजाता की खीर एवं एथेंस के मशहूर नाटक एंटीगनी के प्रसंगों के माध्यम से मानवाधिकारों के प्रति सजगता के उदाहरण प्रस्तुत किए| समानता का अधिकार , सम्मानपूर्ण जीवन जीने का अधिकार, जीवित रहने का अधिकार , अभिव्यक्ति का अधिकार , सांस्कृतिक एवं राजनीतिक अधिकार के साथ-साथ पुलिस सुरक्षा आदि पर श्री सरफराज ने विस्तार से चर्चा की | आयोजन में अधिवक्ता एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता नवाब आलम ने मानवाधिकार हनन के उदाहरणों के साथ कहा कि मानवाधिकारों के प्रति सबको सजग रहना होगा| कैवल्य फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिल कुमार, भीम पंडित , सूरज , राकेश, मिथिलेश, उमेश , राजन, अनूप अादि ने भागीदारी की| कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं मानवाधिकार हेल्पलाईन के जिला अध्यक्ष रजनीश गौरव ने धन्यवाद किया|एवं एथेंस के मशहूर नाटक एंटीगनी के प्रसंगों के माध्यम से मानवाधिकारों के प्रति सजगता के उदाहरण प्रस्तुत किए|

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