बाल कुपोषण से मुक्ति एवं आँगनवाड़ी के प्रति जागरूकता अभियान

कैवल्य फॉउंडेशन ने फुलवारी शरीफ प्रखंड परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। आयोजन में कुपोषण के कारण एवं निवारण पर आधारित लोक धुनों पर रचित गीत एवं उदय कुमार द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक “जाएँ तो जाएँ कहाँ” का प्रदर्शन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में फुलवारी नगर परिषद अध्यक्ष मो0 आफताब आलम ने अपने संबोधन में बाल कुपोषण को गंभीर समस्या बताते हुए इसके प्रति सजग होकर प्रयास करने एवं आँगनवाड़ी की मदद से कुपोषण दूर करने की बात कही। उन्होंने बच्चों के बेहतर विकास में आँगनवाड़ी सेविका और सहायिका के कार्य एवं भूमिका को काफी महत्त्वपूर्ण बताया। साथ ही कैवल्य फाउंडेशन के प्रयासों की भरपूर सराहना की। दर्शकों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था के उप-सचिव रूपेश कुमार ने संस्थान के सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत किये गए प्रयासों को बताया।

वरिष्ठ रंगकर्मी उदय कुमार ने बच्चों के बेहतर विकास की दिशा में कैवल्य फाउंडेशन द्वारा आँगनवाड़ी को सहयोग प्रदान करने तथा आम जन को जागरूक करने के प्रयास की सराहना की। आँगनवाड़ी सेविका श्रीमती राम कुमारी ने आँगनवाड़ी संचालन में आने वाली समस्याओं के निदान हेतु सामजिक सहयोग की माँग की। इस अवसर पर कई वार्ड पार्षद, सभी आँगनवाड़ी सेविका, सहायिका, लाभार्थी परिवार के सदस्य-बच्चे, टोला सेवक, तालीमी मरकज़ शिक्षा सेवी सहित काफी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे उपस्थित हुए। आयोजन का संयोजन सक्रिय समाजसेवी श्री भीम पंडित ने किया। साथ में अमित साहा, रजनीश गौरव, मिथिलेश कुमार, कुमार प्रतीक, राकेश कुमार, सूरज कुमार शामिल थे। संस्था के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए बताया कि सभी आँगनवाड़ी केंद्रों पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। कलाकारों में अशोक गिरी, विनय विभूति, अमरजीत, कुसुम कुमारी, रेशमा कुमारी, बबिता कुमारी, अमरेंद्र, राजीव रंजन त्रिपाठी, कामेश्वर पंडित, कन्हैया, शिव शम्भू आदि ने भागीदारी की।